मेरा नाम कुसुम है, उम्र 44 साल। मैं कोलकाता में अपनी बेटी राधिका और उसके पति, आरव, के साथ रहती हूँ। राधिका की उम्र 24 साल है, और आरव 28 साल का है। मेरे पति का देहांत पाँच साल पहले हो गया, इसलिए मैं अकेली होकर अपनी बेटी के पास आ गई। मैं अभी भी आकर्षक दिखती हूँ—मेरे स्तन गोल और सख्त हैं, नितंब भरे हुए, और चेहरा ऐसा कि लोग मुड़कर देखते हैं। आरव आकर्षक है—लंबा, ताकतवर, और उसकी आँखों में एक आग है। हमारा रिश्ता सास-दामाद का है, लेकिन उसे देखकर मेरे मन में कभी-कभी अनुचित विचार आते थे। फिर भी, मुझे कभी नहीं लगा था कि वह मुझे गर्भवती कर देगा।

यह घटना 3 अप्रैल 2025 की रात की है। राधिका अपनी सहेली के यहाँ दो दिन के लिए गई थी। घर में सिर्फ मैं और आरव थे। रात 10 बजे मैं रसोई में काम कर रही थी, तभी आरव पीछे से आया। उसने एक शर्ट और पायजामा पहना था। “सासू माँ, आप आज बहुत सुंदर लग रही हैं,” वह हँसते हुए बोला। मैं शरमा गई, लेकिन मन ही मन खुश हुई। मैंने एक साधारण साड़ी पहनी थी, लेकिन मेरे स्तन साड़ी से उभरकर दिख रहे थे। “आरव, ऐसी बातें मत करो,” मैंने कहा, लेकिन उसकी आँखों में एक अलग चमक थी।

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वह मेरे पास आया और मेरे कंधे पर हाथ रखा। “सासू माँ, आपको अकेलापन तो नहीं लगता? मैं आपका साथ दूँ?” उसका लहजा मादक था। मेरी साँसें तेज हो गईं। मैं कुछ बोलने वाली थी, तभी उसने मुझे अपनी ओर खींचा और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए—नरम, गर्म, और जोशीले। मैंने उसे दूर धकेलने की कोशिश की, लेकिन मेरा शरीर साथ नहीं दे रहा था। मैं उसके होंठों को चूसने लगी। “आरव, ये गलत है,” मैंने फुसफुसाया, लेकिन वह बोला, “सासू माँ, आज रात मैं आपको चोदना चाहता हूँ।”

उसने मेरी साड़ी खींचकर उतार दी। मैं सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी थी। उसने मेरा ब्लाउज फाड़ दिया—मेरे सख्त स्तन उसके सामने आ गए। “सासू माँ, आपके स्तन शानदार हैं,” उसने कहा और मेरे निप्पल चूसने लगा। मैं सिसक उठी, “आह, आरव, ऐसा मत करो।” लेकिन मेरा शरीर उसे चाह रहा था। उसने मेरा पेटीकोट नीचे खींचा—मेरी चूत उसके सामने नंगी हो गई, गीली और गर्म।

उसने अपना पायजामा उतारा। उसका लंड बाहर आया—लंबा, मोटा, और सख्त। “सासू माँ, आज मैं आपको अपने बच्चे की माँ बनाऊँगा,” उसने कहा। उसने मुझे बिस्तर पर लिटाया और मेरे पैर फैलाए। मेरी चूत उसके सामने खुली पड़ी थी—वह उसे पुकार रही थी। उसने अपने लंड को मेरी चूत पर रगड़ा। मैं काँप उठी। उसने एक जोरदार धक्का मारा, और उसका लंड मेरी चूत में पूरा घुस गया। मैं चीखी, “आह, आरव, मेरी चूत फट गई!”

वह मुझे चोदने लगा—जोर-जोर से धक्के मारते हुए। मेरे स्तन हर धक्के के साथ उछल रहे थे। मैं सिसक रही थी, “आह, आरव, और जोर से चोदो। मेरी चूत फाड़ दो।” वह पागलों की तरह मुझे चोद रहा था। घर में सिर्फ मेरी सिसकियाँ और उसके धक्कों की आवाज गूँज रही थी। उसने मुझे पलटा और मेरे नितंब में अपना लंड घुसा दिया। मेरा नितंब टाइट था, लेकिन उसने जोर लगाया। मैं चीखी, “उफ, आरव, मेरा नितंब जल रहा है!”

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रात गहरी हो गई। उसने मुझे दो बार चोदा—एक बार चूत में, एक बार नितंब में। मेरे स्तन उसके हाथों में, मेरी चूत उसके लंड पर नाच रही थी। “सासू माँ, अब आप मेरे बच्चे की माँ बनेंगी,” उसने कहा। उसने मेरी चूत में अपना गर्म वीर्य छोड़ा। मैं उसकी छाती पर सिर रखकर लेट गई, मेरे पैर काँप रहे थे।

दो महीने बाद मुझे पता चला कि मैं गर्भवती हूँ। राधिका को कुछ नहीं पता, लेकिन आरव और मेरा यह राज मुझे हर दिन याद आता है। उसने मुझे गर्भवती किया, और मेरे जीवन में एक नया सुख लाया।

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